महिलाओं की औद्योगिक गतिविधियों में सफलता उनकी सामर्थ्य का परिचायक हैं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
Success of women in industrial activities is a reflection of their capability: Chief Minister Dr. Yadav
राज्य शासन महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का किया अंतरण
बहनों का आशीर्वाद और शुभकामनाएं भाईयों के लिए सदैव फलदायी रही
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महिला उद्यमियों ने बांधी राखी
99 इकाइयों का लोकार्पण और 12 इकाइयों का किया वर्चुअली भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला उद्यमी सम्मेलन में हुए शामिल
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में महिलाएं शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक मानी गई हैं। रानी लक्ष्मी बाई, देवी अहिल्या और रानी दुर्गावती ने पराक्रम और अपनी क्षमता के कई उदाहरण आज भी प्रेरणा के स्त्रोत हैं। बहनों का आशीर्वाद और शुभकामनाएं भाईयों के लिए सदैव फलदायी रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं की समाज के लिए प्रतिबद्धता को पहचानते हुए ही लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है। राज्य सरकार भी स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। वह दिन दूर नहीं है जब महिलाएं केवल उद्यमी ही नहीं, अपितु उद्योग मंत्री भी बनेंगी। प्रदेश में महिला उद्योगपतियों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रक्रियाओं को सरल करने के साथ आवश्यक प्रशिक्षण और प्रोत्साहन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सिंगल क्लिक से राशि सीधे खातों में जारी करना और एक साथ औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजन, बिना विलंब के त्वरित कार्य की भावना को व्यवहार में लाने की प्रक्रिया का भाग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में महिला उद्योगपति व उद्यमी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या-पूजन कर सम्मेलन का शुभारंभ किया।
राशि का अंतरण और लोकार्पण-भूमिपूजन हुआ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से 850 एमएसएमई इकाइयों को सिंगल क्लिक से 275 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि का अंतरण किया। साथ ही 99 इकाइयों का लोकार्पण और 12 इकाइयों का वर्चुअली भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में प्रदेश की उद्यमी बहनों की ओर से सात बहनों ने राखी बांधी और विशाल राखी भी भेंट की गई। इस अवसर पर सावन उत्सव भी मनाया गया। कार्यक्रम में महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियों पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। महिला उद्यमी सुश्री शिवानी झरिया, सुश्री कुमुद तिवारी, सुश्री सीमा मिश्रा ने उद्यमिता के क्षेत्र में उनकी पहल से संबंधित अनुभव साझा किए।
महिला उद्यमियों के लिए होंगी विशेष कार्यशालाएं : सभी को आगे बढ़ने का मिलेगा मौका
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला उद्यमियों के प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के लिए प्रदेश में विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही उनके द्वारा उद्यम संचालन के लिए विशेष भवनों के निर्माण पर भी राज्य सरकार विचार कर रही है। सभी को आगे बढ़ने का मौका मिले, इस उद्देश्य से प्रदेश में सभी वर्गों को साथ लेकर औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए कार्य किया जा रहा है। उद्यमियों और उद्योगपतियों के विभिन्न संगठन भी इस प्रक्रिया में साथ है।
प्रदेश में 4 हजार 445 स्टार्टअप में से 2082 महिलाओं द्वारा संचालित
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में भारत सरकार द्वारा रजिस्टर्ड 4 हजार 445 स्टार्टअप में इनमें से 2082 महिलाओं द्वारा संचालित हैं, जो कुल स्टार्टअप का 47 प्रतिशत है। महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को प्रोत्साहन के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
महिला उद्यमी संगठन भी सम्मेलन में हुए शामिल
महिला उद्यमी सम्मेलन में मध्यप्रदेश एसोसिएशन ऑफ वूमेन इंटरप्राइजेज, फिक्की, सीआईआई का इंडियन वूमेन नेटवर्क, लघु उद्योग भारती, डिक्की, बी.आई.सी.बी.आई., पीएचडी चेंबर, बीएनआई और आईएम स्टार्ट-अप संगठन की महिला उद्यमी और पदाधिकारी शामिल हुए।